भारत में 'पेटेंट कार्य सूचना का विवरण' गोपनीय नहीं

23-जनवरी-2018

नई दिल्ली - दिल्ली उच्च न्यायालय ने घोषणा की है कि पेटेंट काम से संबंधित जानकारी "गोपनीय" नहीं है और सभी पेटेंटियों द्वारा अनिवार्य रूप से इसे जमा किया जाना चाहिए। इसके अलावा, सभी लाइसेंसधारियों / अनिवार्य लाइसेंसधारियों को इस फैसले का पालन करना होगा।

कोर्ट ने कहा कि भारतीय पेटेंट कार्यालय, लाइसेंसधारियों द्वारा नियमों का अनुपालन ना करने के खिलाफ किसी भी कार्रवाई की शुरूआत करने में लापरवाही बरत रहा है।

प्रचलित कानून के अनुसार, प्रत्येक पेटेंटधारी के लिए अनिवार्य है कि वह प्रत्येक लाईसेंसी के साथ फॉर्म 27 में प्रत्येक कैलेंडर वर्ष के संबंध में पेटेंट के व्यावसायिक कार्य के बारे में जानकारी प्रस्तुत करे। इसे प्रत्येक साल के 31 मार्च से पहले जमा किया जा सकता है। यह जानकारी केवल स्वीकृत पेटेंट के लिए जमा की जाती है।

उपरोक्त पेटेंटधारी और लाइसेंसधारियों द्वारा नियमों का पालन ना करने पर इसे धारा 122 के तहत सिविल के साथ-साथ आपराधिक अपराध बना दिया गया है।

हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा है, लेकिन अब यह सुनिश्चित करना बहुत महत्वपूर्ण होगा कि उपरोक्त वैधानिक आवश्यकता को कड़ाई से पूरा किया गया है।





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