अबू गज़ालेह फ्लोरेंस विश्वविद्यालय में: बौद्धिक सम्पदा तथा अनुसन्धान उत्तम विश्व के मूल तत्व हैं
21-मई-2018
फ्लोरेंस, इटली-जार्डन में इटली के राजदूत एचई श्री जियोवन्नी ब्रौजी के उत्तम आयोजन और फ्लोरेंस विश्वविद्यालय के निमन्त्रण पर एचई डॉ. तलाल अबू गज़ालेह ने "पैलेजो फेंजी" के ऐतिहासिक महल में आयोजित अपने एक भाषण में उत्तम तथा सुरक्षित भविष्य के निर्माण में बौद्धिक सम्पदा तथा अनुसन्धान के महत्त्व का उल्लेख किया जिसमें अनेक प्रतिनिधि, शिक्षाविद्, इटली के पुरातत्वशास्त्री एवं इटली के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
अनेक अन्तर्राष्ट्रीय संगठनों में सेवा प्रदान कर चुके तथा 60 से अधिक वर्षों तक आईपी में विशेषज्ञ डॉ. अबू गज़ालेह ने विद्यार्थियों से कहा कि "आईपी की खोज सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए है न कि इसे रोकने के लिए। यह वह ईंधन है जो प्रतिभा को प्रोत्साहित करता है।"
डॉ. अबू गज़ालेह ने कहा कि बौद्धिक सम्पदा सृजनशीलता का समारोह है और यह सुनिश्चित करते हुए मस्तिष्क की सृजनशीलता को इंगित करती है कि विश्व की सबसे बड़ी आईपी कम्पनी अबू गज़ालेह बौद्धिक सम्पदा (एजीआईपी) ने लम्बे समय तक आईपी के व्यापार में संलग्न रही है और विश्व में अपने 110 अधिकारियों के साथ विश्व स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हुई है।
बौद्धिक सम्पदा प्रबन्धन (एमआईपी) करते हुए अनेक वर्षों तक मध्य-पूर्व में सवोर्त्तम आईपी फर्म की विजेता एजीआईपी ने विश्व के अनेक देशों में बौद्धिक सम्पदा के कानूनों तथा विनियमों का निर्माण किया है और विश्व में आईपी के संरक्षण तथा मुकदमेबाजी की सबसे बड़ी कम्पनी है।
डॉ. अबू गज़ालेह ने यह कहते हुए तकनीकी तथा इसकी क्रान्ति की भूमिका पर बल दिया : "जब 45 वर्ष पूर्व मैंने कम्पनी प्रारम्भ की तो हम सरलतापूर्वक आईपी को आईसीटी जैसे अन्य विषयों से अलग कर पाये किन्तु आज विशेष रूप से कृत्रिम बौद्धिकता जैसी सूचना तकनीक में क्रान्ति के कारण ऐसा नहीं कर सकते और हमें शीघ्र ही आईपी में अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।"
शिकागो के आईपी हॉल ऑफ फेम में भाषण देते हुए डॉ. अबू गज़ालेह ने कहा, "विश्व की सबसे बड़ी कम्पनी कोई तेल कम्पनी नहीं है, सर्वाधिक मूल्य वाली विश्व की सबसे बड़ी कम्पनी गूगल है जिसका मूल्य 850 बिलियन डॉलर है और वे सूचना विक्रय करते हैं न कि माल या सेवाएँ जिसे किसी आईपी अधिकारों के अनुबन्ध के दायरे में नहीं रखा गया है।"
डॉ. अबू गज़ालेह ने विश्व के अपने अकेले तरह के प्रथम विश्वविद्यालय तलाल अबू गज़ालेह यूनिवर्सिटी कॉलेज फॉर इनोवेशन की संस्थापना के रोमांचक क्षणों को साझा किया।
उन्होंने कहा, "यह विश्व का इकलौता विश्वविद्यालय है जो नवीन अनुसन्धान का प्रशिक्षण देता है और जहाँ विद्यार्थयों को ग्रेजुएट होने के लिए अनुसन्धान करना है और यह एक अद्वितीय संकल्पना है। हमारा विश्वास है कि भविष्य नये अनुसन्धानों के लिए है और 2050 तक कुछ अधिक उन्नत विश्व में निवास करेंगे और हमें ज्ञान की अवस्था की ओर चलना पड़ेगा।"
डॉ. अबू गज़ालेह के अनुसार नवीन अनुसन्धान में शीघ्र ही परिवर्तन आयेगा जिसमें प्रत्येक व्यक्ति "मेरी ही भाँति ज्ञान का कार्यकर्ता होगा", और "सुरक्षा के लिए तथा नवीन अनुसन्धान के प्रोत्साहन के लिए आईपी की आवश्यकता होगी, मेरे लिए आईपी भूतकाल में है और आज हमारे पास आईपी के नवीन अनुसन्धान हैं।"