अबू-गजालेह और अबू धामी कस्टम ने आईपी सुरक्षा के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये
09-सितम्बर-2019
अबू धाबी-बौद्धिक सम्पदा अधिकार (आईपीआर) संरक्षण के क्षेत्र में संयुक्त सहयोग को बढ़ाने के लिए अबूधाबी जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स तथा तलाल अबू गजालेह बौद्धिक सम्पदा (एजीआईपी) के मध्य मसदर शहर में कस्टम मुख्यालय में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किये गये।
समझौता ज्ञापन पर अबू धाबी कस्टम्स के तकनीकी मामलों के अधिशासी निदेशक श्री सलीम सईद अल रुमैती तथा तलाल अबू गजालेह ग्लोबल की क्षेत्रीय अधिशासी निदेशक सुश्री योसिरिया अबू एलेज ने एजीआईपी के संस्थापक एवं अध्यक्ष एचई डॉ. तलाल अबू गजालेह, अबू धाबी कस्टम्स ऑपरेशन्स सेक्टर के अधिशासी निदेशक एचई श्री मुबारक मातर अल मंसौरी तथा अबू धाबी कस्टम्स के प्रशासनिक मामलों के कार्यकारी अधिशासी निदेशक श्री फहाद गरीब अल शम्सी की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए।
इस समझौते से दोनों पक्षों की साझा लक्ष्यों : बौद्धिक सम्पदा अधिकारों का संरक्षण; वाणिज्यिक धोखाधड़ी निरोध, जालसाजी तथा जाली ट्रेडमार्क के निरोध तथा कृत्रिम सतर्कता, वृहत डाटा विश्लेषण और सूचना एवं संचार तकनीक के साझा लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए सहयोग एवं रणनीतिक साझेदारी इस प्रकार बढ़ाने में उत्सुकता थी जो धोखाधड़ी तथा जालसाजी के बजाय सृजनात्मक तथा नवाचार के लिए नये क्षितिज खोलना सुनिश्चित करे।
अल मंसौरी ने कहा कि, "एजीआईपी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर अबूधाबी सरकार के दृष्टिकोण से सम्भव हुआ जिसका लक्ष्य सरकारी विभागों तथा सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र के उनके भागीदारों के बीच समन्वय एवं सहयोग है। एमओयू का लक्ष्य साझा हितों को प्राप्त करने के लिए आधुनिकतम वैश्विक कार्यप्रणालियों का उपयोग करते हुए आईपीआर को प्रबलित करने में द्विपक्षीय प्रयासों को मजबूत करने की दृष्टि से पारस्परिक अखण्डता प्राप्त करते हुए प्रत्येक पक्ष के उपलब्ध संसाधनों तथा क्षमताओं को व्यापक करना भी है।"
इसी बीच श्री अल रुमैती ने कहा कि, "एमओयू का लक्ष्य आईपी संरक्षण गतिविधियों के विकास के सन्दर्भ में संयुक्त सहयोग को सशक्त करना, ऐसे अवैधानिक माल के प्रवेश के विरुद्ध वैधानिक रूप से पंजीकृत ट्रेडमार्क के स्वामियों के अधिकारों को संरक्षित करना जो मूल तथा जाली माल के बीच अन्तर करने के लिए सहायता एवं प्रशिक्षण के प्रावधान हेतु आईपीआर क्षेत्र में विशेषज्ञ सहयोग प्रदान करके उनके अधिकारों का संरक्षण करना है। आईपीआर के संरक्षण तथा प्रबलन ऐसे आकर्षक निवेश परिवेश का सृजन करके अबूधाबी की अर्थव्यवस्था पर सकारात्मक छाप प्रदर्शित करेगा जिससे अवैध क्रियाकलाप का निरोध होगा और यूएई के समाज को प्रभावित करने वाली जालसाजी एवं अन्य आर्थिक प्रभाव तथा स्वास्थ्य जोखिम को रोका जा सकेगा।"
डॉ. अबू गजालेह ने कहा कि एजीआईपी अनेक वर्षों से आईपी संरक्षण करने वाली सरकारी संस्थाओं और विशेष रूप से अबूधाबी जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स के साथ सहयोग कर रही है।
अबू गजालेह ने कहा कि "इस एमओयू के माध्यम से एजीआईपी डिजिटल विनिमय तथा समीक्षा प्रक्रियाओं की सुविधा प्रदान करने वाले इलेक्ट्रॉनिक विकास के उपयोग से मूल तथा जाली ब्राण्डों की सूचना प्रदान कर और उनके मध्य अन्तर स्पष्ट करते हुए पाइरेसी, धोखाधड़ी तथा जालसाजी के विरुद्ध सुरक्षा में वृद्धि की जा सकेगी।" साथ ही उन्होंने कहा,
" अबूधाबी जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स के साथ अपने संयुक्त सहयोग के माध्यम से हम ऐसा विशेषज्ञीकृत कार्यक्रम आयोजित करेंगे जिसमें सीमाशुल्क निरीक्षकों को ऐसी उन्नत तकनीकियों एवं गतिविधियों का प्रयोग करते हुए जाली उत्पादों से वास्तविक ट्रेडमार्क में अन्तर करने तथा पंजीकृत ट्रेडमार्क से सम्बन्धित वस्तुओं की पहचान करने में उनके लक्ष्य को सुविधा प्रदान करने के लिए जागरूकता प्रशिक्षण कोर्स तथा कार्यशालाएँ शामिल होंगी जिसका ज्ञान जालसाजों को नहीं होगा।"